
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में श्रद्धालुओं की बस पर हमला करने वाले आतंकियों की तलाश मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही. इस अभियान में सुरक्षा बलों की 11 टीमों को लगाया गया है. 20 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. पता चला है कि आतंकी पहाड़ों में छिपे हैं और आईएसआई से निर्देश ले रहे हैं.
उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रईस मोहम्मद भट ने बताया कि पुलिस, सेना, सीआरपीएफ के 11 टीमें आतंकवादियों को खत्म करने के लिए दो छोर पर काम कर रही हैं. ड्रोन व खोजी कुत्तों को भी लगाया गया है. सुरक्षा बलों को कुछ सुराग भी मिले हैं. जहां हमला हुआ था उस पूरे इलाके को घेर लिया गया है.
संदेह है कि पाकिस्तानी आतंकी राजौरी व रियासी के पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए हैं. सूत्रों ने बताया कि वे सुरक्षित संचार के माध्यम से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से निर्देश ले रहे हैं.
पाक से लगी सीमा अभेद्य नहीं नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि भले ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य बेहतर है पर आतंकवाद अब भी जीवित है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ सीमा अभेद्य नहीं है. बारामूला में अब्दुल्ला ने कहा कि हमारी सीमा पर हर जगह नियंत्रण नहीं रखा जा सकता.
दूसरों को आगाह करते दिल्ली के सौरव की मौत
आतंकी हमले की शिकार बस में सवार दिल्ली के सौरव गुप्ता (21) ने अन्य यात्रियों को आगाह करने के लिए शोर मचाया था, लेकिन तभी एक गोली उनकी गर्दन के पिछले हिस्से में लग गई. सौरव के पिता कुलदीप गुप्ता व परिवार के अन्य सदस्य शव को एंबुलेंस से दिल्ली लेकर आए. मंगलवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली इलाके में उनके घर के पास शव का अंतिम संस्कार किया गया. सौरव अपनी पत्नी शिवानी के साथ संतान प्राप्ति की प्रार्थना के लिए वैष्णो देवी गए थे. दो साल पहले उनकी शादी हुई थी. सौरव के चाचा मनोज ने बताया कि शिवानी ने अपनी आंखों के सामने पति को मरते देखा.